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World Bank: विश्व बैंक क्या होता है और वह किस तरह से काम करता है?

World Bank: विश्व बैंक क्या होता है और वह किस तरह से काम करता है? – नमस्कार दोस्तों, आशा करता हूं कि सभी ठीक होंगे। आज की इस लेख में बताएंगे कि World Bank क्या होता है और वह किस तरह से काम करता है और कब और क्यों उसकी शुरुआत हुई। World Bank किस प्रक्रिया के माध्यम से विकासशील देशों को लोन देता है और दिए गए लोन पर कितना प्रतिशत ब्याज लेता है। यानी कि इस लेख मे World Bank से संबंधित संपूर्ण जानकारी बताई जाएगी। 

दोस्तों क्या कभी आपने सोचा है कि अगर किसी देश के पास पैसा कम पड़ जाए और कोई पड़ोसी देश उसकी मदद को आगे ना आए तो फिर उसकी मदद कौन करता है तो आपको बता देगी ऐसी परिस्थिति में उस देश को लोन देने का काम World Bank करता है। 

World Bank क्या है?-

World Bank एक ऐसा नाम है जिसे लेकर बहुत से लोगों को लगता है कि यह बैंक शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक की तरह ही काम करता है। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो आप बिल्कुल गलत है क्योंकि World Bank का काम करने का तरीका बिल्कुल अलग होता है। वर्ल्ड बैंक के लोन देने के तरीके के बारे में बताएं उससे पहले वर्ल्ड बैंक क्या है और इसका इतिहास क्या है इसके बारे में विस्तार से जान लीजिए। 

यहां पर बात आती है द्वितीय विश्व युद्ध के दौर की। इस युद्ध के दौर में बहुत सारी कंपनियां कर्ज में डूब गई और कई देशों को आर्थिक चोट पहुंची। उस समय संपूर्ण दुनिया में शांति स्थापित करने की बहुत अधिक जरूरत थी इसके अलावा जितने भी देशों का नुकसान हुआ उसे पीछे छोड़ कर सब कुछ जल्दी ठीक करने की आवश्यकता थी। द्वितीय विश्व युद्ध के समय कुछ देश पूरी तरह से बर्बाद हो गए थे उस समय उनकी आर्थिक स्थिति को उठाने और उस पर ध्यान देने की आवाज उठी। 

द्वितीय विश्व युद्ध के समय में सिर्फ देशों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा बल्कि वहां के लोगों का जीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया था। उस दौरान इन सभी का पुनर्वास करने के मकसद से International Bank For Reconstruction And Development की योजना स्वीकार की गयी थी।

यह इंटरनेशनल फिनाशियल इंस्टिट्यूशन है जो विश्व स्तर पर जाना जाता है इसकी स्थापना सन 1944 के Bretton Woods के कार्यक्रम में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड के साथ की गई थी। आपको बता दें कि IMF और World Bank दोनों एक साथ मिलकर काम करते हैं। 

World Bank अलग-अलग परियोजनाओं के लिए आर्थिक स्थिति कमजोर वाले देशों को लोन प्रदान करता है। इसके अलावा वर्ल्ड बैंक यूनाइटेड नेशन का भी अहम हिस्सा है। World Bank की खास बात यह है कि वर्ल्ड बैंक कभी अकेले काम नहीं करता है बल्कि इसके साथ पांच इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशंस भी काम करती हैं। ये 5 संस्थाए मिलकर विकासशील देशों को लोन देती है।

World Bank से कौन-कौन सी संस्थाएं जुड़ी हुई है? – 

जो संस्थाएं वर्ल्ड बैंक से जुड़ी हुई है उनके नाम निम्न प्रकार है –

  1. International Bank For Reconstruction And Development (IBRD)
  2. International Development Association (IDA)
  3. International Finance Corporation (IFC)
  4. Multilateral Investment Guarantee Agency (MIGA) 
  5. International Center For Settlement Of Investment Disputes (ICSID) 

इन पांचों संस्थाओं के साथ मिलकर World Bank आर्थिक स्थिति कमजोर वाले देशों को लोन मुहैया कराता है। ताकि वे देश अपना विकास कर सकें और आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सके।

World Bank का मुख्य उद्देश्य क्या होता हैं? –

World Bank आर्थिक पुनर्निर्माण और विकासशील सदस्य देशों को लोंग टर्म पूंजी प्रदान करता है।

BOP Balance और इंटरनेशनल ट्रेड के बैलेंस Development को सुनिश्चित करने के लिए लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट फॉर इंस्पायर करना भी वर्ल्ड बैंक का काम है।

वर्ल्ड बैंक प्राइवेट लोन या कैपिटल इन्वेस्टमेंट की गारंटी देने के लिए सदस्यों को प्रेरित करने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करता है। 

इसके अलावा वर्ल्ड बैंक विकास परियोजनाओं की कार्य करने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करता है ताकि किसी भी परिस्थिति के समय एक शांतिपूर्ण और स्वास्थ्य के लिए सहज काम किया जा सके।  

World Bank के मुख्य काम क्या है? –

मौजूदा समय में विश्व बैंक यानी वर्ल्ड बैंक सदस्य देश‌ जो विशेष तौर पर विकासशील नहीं है उनके विकास कार्यों के लिए लोन उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

वर्ल्ड बैंक 5 से 20 साल अवधि की अलग-अलग विकास परियोजनाओं के लिए विकाशील देशों को लोन प्रदान करता है।

यह बैंक सदस्य देशों को चुकता पूंजी में से अपने हिस्से का 20 प्रतिशत लोन देने की क्षमता रखता है। 

World Bank सदस्यों से संबंधित निजी निवेशकों को अपनी गारंटी पर लोन देता है, लेकिन प्राइवेट इन्वेस्टर उसको अपने मूल देश की अनुमति लेने की जरूरत होती है।

यह बैंक सेवा शुल्क के रूप में एक परसेंट से दो पर्सेंट तक चार्ज करता हैं। लोन सेवा की मात्रा, उसकी ब्याज दर, नियम और शर्तें खुद तय करता है।

बैंक सदस्य देश को किसी विशेष काम के लिए या फिर किसी खास परियोजना के लिए लोन देता हैं। जो देश इस लोन लेता है उसे या तो आरक्षित मुद्राओं में लोन चुकाना होता है या उसने जिस मुद्रा में लोन लिया था उसी मुद्रा में लोन को वापस चुकाना होगा।

World Bank को हर देश की स्थिति पता होती है और वह उसी हिसाब से उसकी मदद करता है।

वर्ल्ड बैंक सदस्य देशों की उस वक्त मदद करता है जो वह किसी आर्थिक संकट से गुजर रहे होते हैं। विश्व बैंक पांचों संस्थाओं के बिना किसी भी देश को कर्ज देने के लिए आगे नहीं आता है क्योंकि उनकी अनुमति के बिना विश्व बैंक किसी भी देश को किसी भी परिस्थिति में लोन नहीं देता है।

आपको बता दें कि कुछ समय पहले World Bank ने श्रीलंका की मदद करने से साफ इनकार कर दिया था। विश्व बैंक ने जो बयान दिया उसे श्रीलंका को करारा झटका लगा था। 

विश्व बैंक ने श्रीलंका को नया लोन देने से इंकार करते हुए कहा कि हमें श्रीलंका के लोगों की चिंता है। हम अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और बाकी विकास साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसलिए हम देश के आर्थिक बदहाली को बहाल करने के लिए उचित कदम उठा रहे हैं लेकिन फिलहाल श्रीलंका को नया कर्ज देने के बारे में नहीं सोच रहे हैं।

World Bank ने साफ कह दिया कि वह श्रीलंका को कोई नया कर्ज नहीं देगा। इसके बाद अपने बयान में श्रीलंका ने दो टूक कहा की क्या आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका को तब तक नया कर्ज नहीं देगा, जब तक कि देश की अर्थव्यवस्था संबंधी पर्याप्त व्यापक आर्थिक नीतियां रूपरेखा नहीं बनाई जाती हैं।

इससे पहले कुछ खबरें आई थी कि वर्ल्ड बैंक श्रीलंका को आर्थिक संकट से उबारने के लिए नया लोन देने की सोच रहा है लेकिन इसके जवाब में विश्व बैंक ने कहा था कि वह पहले से आवंटित संसाधनों में परिवर्तन कर रहा है ताकि आवश्यक दवा एवं नगद सहायता राशि दी जा सके।

इसके अलावा आपको बता दें कि हाल ही में विश्व बैंक ने ऐलान कर दिया था कि आने वाले समय में बहुत सारे देश दिवालिया घोषित हो सकते हैं, इनमें 107 देश शामिल है। 

बैंकक्रॉफ्ट होने वाले इन देशों में अमेरिका जैसा देश भी शामिल है लेकीन दिलचस्प बात यह हैं की इस लिस्ट में भारत का नाम कही नही हैं। 

World Bank के कौन-कौन से देश सदस्य हैं? –

International Bank For Reconstruction And Development (IBRD) संस्था में अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम सहित 189 देश शामिल हैं। खास बात यह हैं की इन पांच देशों के बाद सबसे ज्यादा पावर है।

अब बात करते हैं की International Development Association (IDA) में 174 देश शामिल हैं।

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FAQS –

World Bank ने सबसे पहला लोन किस देश को दिया था? 

विश्व बैंक ने सबसे पहला लोन फ्रांस देश को दिया था। World Bank ने फ्रांस को सन् 1947 में लोन दिया था। पिछले 30 सालों से World Bank भी एनजीओ और अन्वेरोमेंटल ग्रुप को भी लोन दे रहा है। इन 77 सालों में अब तक विश्व बैंक ने कई देशों को लोन दिया है।

बैंक से संबंधित खास बातें –

World Bank में एक प्रेसिडेंट और 25 एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और 29 वाइस प्रेसिडेंट की टीम काम करती है। इस समय David Malpass विश्व बैंक के प्रेसिडेंट है। 

चलिए अब आपको बताते हैं कि क्या भारत भी विश्व बैंक का हिस्सा है?, क्या विश्व बैंक से कभी भारत में लोन लिया है? इन सभी सवालों का जवाब आपको नीचे बताया गया है। 

आपको बता दें कि भारत भी कई परियोजनाओं के लिए World Bank से पैसा ले चुका है। भारत में विश्व बैंक का हिस्सा रह चुका है और सन् 1956 में भारत भी World Bank की आईएफएससी संस्था और 1960 में आईडीए संस्था का हिस्सा बना था। इतना ही रही 1994 में MIGA का हिस्सा भी भारत बन चुका है। 

हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट की मानें तो भारत पर विश्व बैंक का कुल कर्ज का बोझ बढ़कर 128.41 लाख करोड रुपए हो गया हैं। 

इस लिहाज से देखा जाए तो देश के हर नागरिक पर 98,776 रुपए का बोझ है, बीते दिनों कोरोना काल महामारी के दौरान कई देशों ने विश्व बैंक से मदद ली थी। भारत देश भी इसमें शामिल था।

लेकिन अगर कर्ज की बात की जाए तो भारत अन्य पड़ोसी देशों की तुलना में कम कर्ज में डूबा हुआ है। भारत के पड़ोसी देशों में चीन सबसे अधिक कर्ज में डूबा हुआ है जबकि बांग्लादेश सबसे कम कर्ज में है। 

अगर आंकड़ों की माने तो इमरान खान सरकार ने यानी पाकिस्तान ने 20.7 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपए का नया क़र्ज़ लिया था। जिसके बाद पाकिस्तान का कर्जा बढ़कर 50 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपए पहुंच गया। 

इसी तरह भारत के ऊपर कुल बाहरी कर्जा 570 अरब डॉलर हैं। अगर चीन की बात करें तो इसके ऊपर कुल बाहरी कर्जा 13009.3 अरब डॉलर का हैं। 

अगर भारत देश की तुलना बांग्लादेश से की जाए तो बांग्लादेश हमारे देश से भी ज्यादा बेहतर स्थिति में दिखाई देता है क्योंकि बांग्लादेश के ऊपर कुल बाहरी कर्ज $45 का है। चीन और पाकिस्तान की तुलना में यह ज्यादा कम है।

निष्कर्ष – 

इन आंकड़ों से पता चलता है कि विश्व बैंक जरूरतमंद एवं विकासशील देशों के लिए कर्ज देने का कार्य करता है। विश्व बैंक प्रत्येक विकासशील देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने एवं किसी भी परिस्थिति में खड़ा होने के लिए मदद करता है। विश्व बैंक प्रत्येक विकासशील देश की शांतिपूर्ण अर्थव्यवस्था एवं स्वास्थ्य के लिए सहज कार्य करता है। 

 दोस्तों अगर इस पोस्ट में आपको कुछ नया सीखने को मिला है, तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं। इस जानकारी के माध्यम अगर आपने कुछ नया सीखा है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

Prakash Bansrota

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